Insurance (बिमा योजना) क्या है? insurance कितने प्रकार का होता है?

Insurance के बारे में कई लोग अभी तक अनजान है, कई लोगो को इसके बारे में ठीक से पता नहीं है. Life insurance के बारे में ज्यादातर लोग जानते होंगे. लेकिन और भी कई प्रकार के इन्शुरन्स होते है, जिनके बारे में इस पोस्ट में हम बात करने वाले है.

Insurance (बिमा योजना) क्या है

What is insurance :

इन्शुरन्स जिसे हम बिमा भी कहते है ये क्या होता है :
एक एसी अरेंजमेंट होती है जिसमे कोई इन्शुरन्स कम्पनी हमारे किसी भी प्रकार के नुकसान, डैमेज, मुर्तू , दुर्घटना होने पर मुआवजा (compensation) देने की गैरंटी देती है. इसके लिए पहले हमे प्रीमियम (किश्त) उस कंपनी के पास भरने पड़ते है.



इन्शुरन्स हमारे लिए कुछ बैकअप की तरह काम करता है. इसमें कई तरह के इन्शुरन्स होते है, जैसे लाइफ इन्शुरन्स, vehicle insurance, home insurance आदि.

Insurance Types:

इन्शुरन्स कई प्रकार का होता है, और बिमा कम्पनी के अनुसार अलग अलग नियम (शर्ते) होती है. इन्शुरन्स प्रकार के अनुसार उसका प्रीमियम भी अलग अलग होता है.

1. लाइफ इन्शुरन्स  Life Insurance :

सबके परिचय का और सबसे ज्यादा जिसका लोग इस्तमाल करते है वो है लाइफ इन्शुरन्स. लाइफ इन्शुरन्स करवाने वाले वक्ती की अगर मृतु हो जाती है तो उसके बदले में बिमा कंपनी उसके घरवालो को उसका मुआवजा देती है.

ये लाइफ इन्शुरन्स policy लोग अपने परिवार के लिए बनवाते है, क्यों की हमारी ज़िदगी का कुछ बरोसा नहीं है, क्या पता कब क्या हो जाए. इसलिए मरनोंप्रांत अपने परिवार का इसका फायदा हो इसलिए लोग तरह की policy लोग बनवाते है.
इसका प्रीमियम और शर्ते हम बिमा कंपनी से पता करवा सकते है.

2. वेहिकल इन्शुरन्स (वाहन विमा ) Vehicle Insurance :

इसके नाम से ही हमे पता लगता है की इस तरह का बिमा हम अपने वाहन के लिए बनवा सकते है. अगर हमारे वाहन को कीसी प्रकार का नुकसान हो जाता है, accident में वेहिकल डैमेज हो जाता है तो इसके लिए इन्शुरन्स कम्पनी हमे मुआवजा देती है.
अगर हमारे घर में फोर विलर , बाइक है तो हमे इसका इन्शुरन्स जरुर करवा लेना चाहिए.


3. होम इन्शुरन्स (घर का बिमा) Home Insurance:

 हम अपने घर का भी बिमा करवा सकते है. अगर किसी दुर्घटना में हमारा घर टूट जाता है, या डैमेज हो जाता है तो इसके बदले में compensation मिल जाता है.
किसी कारण घर में आग लग जाए और घर का बिमा हो तो हमे चिंता करने की कोई जरुरत नहीं है.

4. पर्सनल एक्सीडेंट personal Accident insurance :

इस तरह का बिमा करवाने पर अगर बिमा करवाने वाले वक्ती का एक्सीडेंट हो जाता है, उसको चोट लग जाती है, वो विकलांग हो जाता है तो इसके बदले में हमे इन्शुरन्स कंपनी से compensation मिल जाता है. तथा हॉस्पिटल में होने वाला खर्च भी कंपनी उटाती है.


लेकिन इस तरह की policy करवाते समय कंपनी की जो टर्म एंड कंडीशन होती है, उसको ठीक से पढ़कर समज़ना जरुरी होता है.

5. पोर्टेबल इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का इन्शुरन्स Portable Electronic Devices Insurance :

इस तरह के बिमा में हम अपने इलेक्ट्रनिक वस्तु जैसे मोबाइल, कंप्यूटर, टेबलेट इनका इन्शुरन्स करवा सकते है.
अगर हमारी डिवाइस चोरी हो जाती है, डैमेज हो जाती है इसके बदले नहीं तथा उसको रिपेयर करवाने की policy इसमें होती है.

और भी कई प्रकार के इन्शुरन्स मौजूद है, लेकिन ज्यादातर ऊपर दिए हुए इन्शुरन्स ही लोग करवाते है, क्यों की ये सभी के काम आने वाले प्रकार है.

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