Electronic data interchange advantages and disadvantages

Electronic data interchange advantages and disadvantages In Hindi.
Electronic data interchange advantages and disadvantages

हम ने इससे पहले वाली पोस्ट में देखा की Electronic data interchange याने EDI क्या होता है. आज हम इसके लाभ और नुकसान के बारे में जानने वाले है.

EDI Advantages:

1. Reduction in Paperwork –
EDI में पेपर लेस वर्क होता है, याने इलेक्ट्रॉनिक तरीके से डाटा ट्रान्सफर होता है. इसलिए इसमें पेपर नहीं लगता.

2. Reduction in data entry-
कंप्यूटर में दिए हुए फॉर्मेट में डाटा एंट्री करनि होती है इसलिए एरर के चांस बहुत कम होते है.

3. Short process life cycle-
डाटा जो होता है वो इलेक्ट्रॉनिक तरीके भेजा जाता है इसलिए कम समय में पूरी प्रोसेस पूरी हो जाती है.

4. Reduction in man power-
वर्क कंप्यूटर पर होता है, इसलिए मैन पॉवर कम लगति है.

5. Cost effective-
EDI में पेपर कम हो जाता है, मैन पॉवर कम लगती है तो इसमें खर्च भी कम हो जाता है.

EDI Disadvantages:

जिस प्रकार किसी चीज़ के लाभ होते है उसी प्रकार उसके नुकसान भी होते है.
EDI में कई सारे स्टैण्डर्ड का इस्तमाल होता है. फर्स्ट टाइम बिज़नस में EDI सेटअप में काफी खर्च आ सकता है.

इनिशियल सेटअप में टाइम भी ज्यादा लगता है.
इलेक्ट्रॉनिक डाटा ट्रान्सफर के लिए प्रोटेक्शन भी देना पड़ता है जैसे वायरस, हैकिंग, मैलवेयर और फ्रॉड से.
फर्स्ट टाइम स्टाफ को ट्रेन करना पड़ता है जिसमे अलग से पैसे खर्च होते है.


तो ये थे Electronic data interchange advantages and disadvantages आपके पास भी इससे जुडा कोई सवाल, सुजाव हो तो कमेंट में शेयर करे.

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