अपने नाम से आधार कार्ड कैसे डाउनलोड करे

अपने नाम से आधार कार्ड कैसे डाउनलोड करे
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अपने नाम से आधार कार्ड कैसे डाउनलोड करे

यदि आप अपना आधार कार्ड डाउनलोड करना चाहते है तो आप सही पोस्ट पढ़ रहे है. अब हमारे पास आधार कार्ड होना कितना जरुरी है हम सब जानते है.

अगर आप बैंक में खाता खुलवाने जा रहे है तो अब आपको उसके लिए आधार कार्ड कंपल्सरी साथ में जोड़ना होगा. अपना आधार नंबर अब बैंक अकाउंट खुलवाने के लिए अनिवार्य है.
पैन कार्ड के साथ भी अपना आधार नंबर लिंक करवाना अब कंपल्सरी है.

अगर आपका पुराना आधार कार्ड खो गया है या फिर खराब हो गया है तो आप निचे दी गयी स्टेप को फॉलो करके अपना आधार कार्ड डाउनलोड कर सकते है.

अपने नाम से आधार कार्ड कैसे डाउनलोड करे :

नोट: यदि आपका मोबाइल नंबर या फिर ईमेल id आधार कार्ड के साथ रजिस्टर नहीं है तो आप अपने नाम से आधार कार्ड नहीं डाउनलोड कर सकते.

अगर आपकी आधार कार्ड की स्लीप खो गयी है तो कोई दिक्कत नहीं हम सिर्फ अपने नाम से और आधार नंबर से Aadhaar card download कर सकते है.

स्टेप 1:
सबसे पहले आप ये वेबसाइट ओपन करे.

स्टेप 2:
Select UID/EID
You want to retrieve your lost:

select aadhaar number

Aadhaar number (UID) सेलेक्ट करे.


स्टेप 3:
Full Name: अपना पूरा नाम यहाँ डाले जो आधार नंबर पर था.
Email: ईमेल डाले अगर आपने दिया है तो.
OR
Mobile: अगर ईमेल नहीं दिया है तो मोबाइल नंबर डाले.
Enter Security code: जो बॉक्स में नंबर दिखाई दे रहे है तो डाले.

enter details

स्टेप 4:
अपने आपके मोबाइल पर एक मेसेज आएगा जिसमे एक कोड याने OTP होगा.
Enter OTP: वो OTP यहाँ डाले.
Verify OTP पर क्लिक करे.

enter otp

अब आपको ये मेसेज दिखाई देगा. Congratulations! Aadhaar Number (UID) has been sent to your Mobile Number मतलब आपका आधार नंबर आपके मोबाइल पर भेज दिया गया है.
अब आपको आपका आधार कार्ड नंबर मील गया है अब आप आधार कार्ड डाउनलोड कर सकते है.


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WWW Full Form in Hindi

WWW Full Form in Hindi
www full from in Hindi, full form of www. जब भी हम कोई वेबसाइट ओपन करते है तो उसके एड्रेस से पहले हम www लगाते है. एसा क्यों करते है क्या कभी आपने सोचा है. इन्टरनेट पर आपने भी कई बार वेबसाइट ओपन करने के लिए वेबसाइट नाम से पहले www लगाया होगा. तो आज हम www के बारे में हम बात करेंगे.

WWW Full Form in Hindi

www क्या है?

www का फुल फॉर्म है – world wide web ( वर्ल्ड वाइड वेब ) इसको W3 भी कहा जाता है.
www नेटवर्क है जो इन्टरनेट पर इनफार्मेशन है उसको एक्सेस करने के लिए इस्तमाल होता है.
www सुचना स्थान की तरह वर्क करता है जो डॉक्यूमेंट , एंड इतर रिसोर्स को यूआरएल से पहचानता है.
इन डॉक्यूमेंट, डाटा को हाइपरलिंक से जोड़ा गया होता है.
हर एक वेबसाइट को खोलने के लिए www का इस्तमाल किया जाता है.


जैसे :
www.google.com
www.hindimeearn.com

जब हम कोई साईट ओपन करते है तो www के साथ http (हाइपरटेक्स्ट ट्रान्सफर प्रोटोकॉल) का भी इस्तमाल होता है.
English scientist Tim Berners-Lee ने World Wide Web 1989 में इन्वेंट किया.

वर्ल्ड वाइड वेब के फंक्शन:

वर्ल्ड वाइड वेब और इन्टरनेट ये दो अलग टर्म है. इन्टरनेट इंटरकनेक्ट कंप्यूटर का नेटवर्क है, जो ग्लोबली होते है.
उसी तरह वर्ल्ड वाइड वेब ग्लोबल कलेक्शन है डॉक्यूमेंट और इतर रिसोर्स का. ए डॉक्यूमेंट, रिसोर्स हाइपरलिंक से एक साथ जोड़े गए होते है.

वर्ल्ड वाइड वेब पर कोई भी वेब पेज ओपन करने के लिए पहले हमे ब्राउज़र में यूआरएल डालना पड़ता है. उसके बाद ब्राउज़र बैकग्राउंड में कुछ कम्युनिकेशन मेसेज सेंड करता है, उसके बाद requested यूजर को डाटा fetch कर के डिस्प्ले किया जाता है.

तो अब आपको समज में आ गया होगा की www जिसको वर्ल्ड वाइड वेब या w3 भी कहा जाता है.
कंप्यूटर से जुडी और भी पोस्ट आप हमारी साईट से पढ़ सकते है.

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Web Hosting In Hindi - वेब होस्टिंग

Web Hosting In Hindi - वेब होस्टिंग

Web Hosting Kya Hai? Web hosting in Hindi. वेब होस्टिंग के बारे में आज हम जानने वाले है.
वेब होस्टिंग के बारे में आपने कई लोगो से सुना होगा, इन्टरनेट पर पढ़ा भी होगा.

Web Hosting In Hindi

जब हम ब्लॉग, अपनी वेबसाइट बनाने के बारे में सोचते है तब हमे जरुरत पड़ती है domain name और hosting की.

What is web hosting?

सिंपल भाषा में कहा जाए तो वेब होस्टिंग वो जगह होती है, जहा पर हम अपने वेबसाइट के डाटा को स्टोर किया जाता है. Hosting Service Provider डाटा को वेब सर्वर पर सेव करता है. हमारे साईट के सभी पेज, डाटा, इमेज, विडियो आदि, को वेब सर्वर पर स्टोर किया जाता है.
ये सर्वर 24*7 hour इन्टरनेट से जुडा होता है, ताकी कोई भी यूजर हमारी साईट कभी कभी देख सके, एक्सेस कर सके.
जैसे हमारे घर में कपडे रखने के लिए अलमारी होती है. उसी प्रकार अगर आप इन्टरनेट पर अपनी खुद की वेबसाइट बनाना चाहते है. तो इसके डाटा को इन्टरनेट पर स्टोर करने के लिए हमे होस्टिंग की जरुरत पड़ती है.
हम अपना खुद का भी सर्वर बना सकते है. लेकिन इसके लिए काफी खर्च आता है. इसलिए हम हम सर्वर का कुछ हिस्सा, रेंट पर लेते है.
बहुत सी होस्टिंग कम्पनी इस तरह की होस्टिंग देने का काम करती है.
जैसे :
Godaddy

ये काम कैसे करता है:

हमारी साईट की सभी फाइल होस्टिंग प्रोवाइडर web – server पर स्टोर कर देते है. जब कोई यूजर हमारी साईट का एड्रेस वेब ब्राउज़र में डालता है तो ब्राउज़र वो रिक्वेस्ट वेब सर्वर तक पहुचाता है. और हमारी साईट की एक कॉपी उस यूजर तक पहुचाने का कम करता है.

Hosting Platform:

होस्टिंग के २ प्लेटफार्म है, जो सबसे ज्यादा पोपुलर है.

1. Windows Hosting:

अगर आप विंडोज के लवर है, तो आप ये होस्टिंग खरीद सकते है. विंडोज होस्टिंग की प्राइस बहुत ज्यादा होती है, क्यों की इसमें आने वाले सभी सॉफ्टवेयर लाइसेंस कॉस्ट भी involve होती है. इसलिए हमे लिनक्स होस्टिंग की तुलना में कम फैसिलिटी मिलती है.

2. Linux Hosting:

हम सब जानते है, लिनक्स ओपन सोर्स ऑपरेटिंग सिस्टम है, इसलिए हमे इसको purchase करने के लिए पैसे नहीं देते पड़ते है. इसलिए लिनक्स होस्टिंग की कीमत भी बहुत कम होती है. और इसमें हमे कई फैसिलिटी भी मिलती है.

Types of Web Hosting:

Web hosting कितने प्रकार की होती है ये हम अगली पोस्ट में पूरी डिटेल्स में देखेंगे. फिलहाल सिर्फ इसके टाइप्स के बारे में जानते है.
1. Shared Hosting
2. Dedicated Hosting
3. VPS (Virtual Private Server) Hosting



Hosting कहा से buy करे:

अगर आप वर्डप्रेस ब्लॉग बनाना चाहते है तो आप hostgator india से होस्टिंग खरीद सकते है. इसकी पूरी डिटेल्स यहाँ पर मिल जाएगी.

होस्टिंग खरीदते समय रखे इन बातो का ध्यान :

1. कस्टमर सर्विस – Customer Service :

आप जिस भी साईट से होस्टिंग buy करने वाले है उनकी कस्टमर सर्विस कैसी है, ये जाच ले. देख ले की आपका होस्टिंग सर्विस प्रोवाइडर 24*7 टेक्निकल, नॉन – टेक्निकल प्रॉब्लम सोल्व करने में आपको हेल्प करे. इसके बारे में आप other कस्टमर से से पता लगा सकते है, रिव्यु पढ़ सकते है.

2. डिस्क स्पेस – Disk Space:

आपकी साईट को कितना स्पेस लग सकता है ये पहले जाच ले. अगर आपकी साईट छोटी है तो आप कम डिस्क स्पेस वाली भी होस्टिंग ले सकते है.
लेकिन अगर आपकी साईट विडियो, ऑडियो, जैसी है तो आपको अनलिमिटेड स्पेस वाली होस्टिंग चुननी होगी.

3. सर्वर अपटाइम – server uptime :

याने हमारा सर्वर कितने टाइम तक ऑनलाइन रहता है, उसको uptime कहा जाता है. इसलिए होस्टिंग खरीदते वक्त किसी reputed साईट से ही ख़रीदे जो हमे 99.99% uptime प्रोवाइड करे.
अगर एसा नहीं होता है और हमारी साईट काफी समय के लिए डाउन रहती है और होस्टिंग प्रोवाइडर अगर 99.99% का वादा करता है तो हम उससे compensation ले सकते है.

4. Backup & FTP:

होस्टिंग प्रोवाइडर हमारी साईट का बैकअप लेने के लिए अलग अलग way प्रोवाइड करता है. साईट का weekly बैकअप सर्वर पर लिया जाता हो.
अगर आपकी साईट डेली अपडेट होती है तो उसका डेली बैकअप जरुरी है. कई सर्विस प्रोवाइडर इसके लिए अलग से चार्ज लगाते है, इसलिए प्लान देखकर ले.

इसमें और भी कई फैक्टर्स होते है, जैसे bandwidth, email accounts etc.
तो अब आपको वेब होस्टिंग के बारे में जानकारी मिल गयी होगी एसी आशा करते है.
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Google Me Job Kaise Kare/Milega?

Google Me Job Kaise Kare/Milega?
क्या आप गूगल में जॉब पाना चाहते है, Google में Job पाने के लिए क्या करना पड़ता है? इस तरह की एक कमेंट हमारी साईट पर की गई थी. तो आज हम जानेंगे की गूगल में जॉब पाने के लिए क्या करना पड़ता है.

get job in google

गूगल क्या है? गूगल को क्या जरुरत है Employee की?

गूगल दुनिया का टॉप का सर्च इंजन है. गूगल के कई प्रोडक्ट भी है जैसे blogger, Gmail, Google+ & many more. तो इन सब को कोई एक वक्ती मैनेज नहीं कर सकता. हर एक प्रोडक्ट के लिए अलग से टीम वर्क में काम किया जाता है.

तो इन सब को मैनेज करने के लिए प्रोफेशनल लोगो की टीम होती है. उनके अलग अलग डिपार्टमेंट होते है. और उन डिपार्टमेंट में vacancy भी होती है.


क्या क्वालिफिकेशन जरुरी है :

हम किसी एक क्वालिफिकेशन के बारे में बता नहीं सकते. आप जिस फील्ड में परफेक्ट है उसी से रिलेटेड ही हम जॉब धुधना होगा.

Google में जॉब कैसे सर्च करे:

अगर आप को पता नही की गूगल में कब vacancy होती है, गूगल में कब जॉब निकलते है तो हम आपको इसका आसान तरीका बताने जा रहे है. जिससे आपको पता लग जायेगा की आपके नजदीक में गूगल में कहा जॉब है. और उसके लिए क्या क्वालिफिकेशन चाहिए होगा.

स्टेप 1:

सबसे पहले ये साईट ओपन करे :
अब आपको पहले कंट्री सलेक्ट करनी होगी जहा पर आप जॉब करना चाहते है.

Roles:
Administrative
Business Strategy
Data center & network
Developer relations
Finance
IT & Data Managements
Software engineering
Technical writing
और भी रोल है आप जिस रोल में फिट बैठते है वो सेलेक्ट करे.

स्टेप 2:
डिवीज़न सेलेक्ट करे जैसे गूगल, youtube

स्टेप 3:
More Filters पर Click करे
अब आगे education, experience भी आप सेलेक्ट कर सकते है.
google jobs
                                                      Img Source: careers.google.com

स्टेप 4:
अब आपको निचे जॉब्स की लिस्ट दिखाई देगी. आपको जो जॉब सही लगता है उसपर क्लिक करे.
जॉब पर क्लिक करते है उस जॉब की पूरी डिटेल्स आपको दिखाई देगी.

Responsibilities:
Qualifications:
Preferred qualifications:

ये भी पूरी तरह से वहा दिखाई देगा आप वो पढ़ ले.
अगर आपको लगता है की आपके पास ये सभी क्वालिफिकेशन है तो राईट साइड में अप्लाई पर क्लिक करे के आप अप्लाई कर सकते है.

3 स्टेप में आपको गुजरना है.
Apply – Interview – Decide
आप इसकी पूरी डिटेल्स गूगल करियर पर जाकर भी पढ़ सकते है.
तो इस प्रकार हम गूगल में जो vacancy होने पर हम जॉब के लिए अप्लाई कर सकते है.

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What is Android Pay?

What is Android Pay?
Android Pay Kya Hai? एंड्राइड पे क्या है ? आपने इसके बारे में शायद अभी तक सुना नहीं होगा, तो चलिए इसके बारे में जानते है.

What is Android Pay

What is Android Pay?

एंड्राइड पे डिजिटल वॉलेट है. जिसको गूगल ने develop किया है. जिसकी मदद से हम अपने एंड्राइड मोबाइल से पेमेंट कर सकते है.
अपने मोबाइल में हम अपना Credit card, debit card ऐड कर सकते है. इसके लिए हमारे मोबाइल में Android kit Kat 4.4 or above version होना जरुरी है.


गूगल ने इसको 15 सितम्बर 2017 release किया है, लेकिन अभी तक ये इंडिया में इस्तमाल नहीं किया जा रहा है. एंड्राइड पे app से हम shopping कर सकते है. मोबाइल से पैसे ट्रान्सफर कर सकते है.
पेमेंट करते समय हर बार हमे क्रेडिट, डेबिट कार्ड की डिटेल्स देने की जरुरत नहीं. जिस अप्प साईट पर आप शौपिंग कर रहे है वहा पे चेकआउट करते समय एंड्राइड पे सेलेट करे.

कुछ फीचर :

कार्ड डिटेल्स सेफ है :
जब हर किसी स्टोर पर हम पेमेंट के लिए एंड्राइड पे का इस्तमाल करते है, तो एंड्राइड पे आपके एक्चुअल क्रेडिट, डेबिट कार्ड के नंबर नहीं सेंड करता है. वो एक Virtual Account नंबर क्रिएट करता है जो आपके अकाउंट को represent करता है.

मोबाइल खो जाए, चोरी हो जाए तब :
अगर हमारा एंड्राइड फ़ोन कही खो जाए या चोरी हो जाए तो घबराने की कोई जरुरत नहीं है. हम एंड्राइड डिवाइस मेनेजर से उसको तुरंत लॉक कर सकते है. न्यू पासवर्ड सेट कर सकते है.



रिवॉर्ड और एअर्निंग पॉइंट भी मिलेंगे:
जिस तरह बैंक हमे शोपिंग करने पर रिवॉर्ड पॉइंट्स देती है, उसी प्रकार एंड्राइड पे भी उसमे इस तरह की सर्विसेज देता है.

How to Setup Android Pay

Android pay को मोबाइल पर केसेस सेटअप करे.
स्टेप 1:
गूगल प्ले स्टोर से एंड्राइड पे apk डाउनलोड करे और मोबाइल में इनस्टॉल कर ले.

स्टेप 2:
आपके बैंक के क्रेडिट, डेबिट कार्ड की डिटेल्स उसमे ऐड कर दे.


स्टेप 3:
आपका एंड्राइड पे तैयार है, अब आप किसी भी स्टोर, ऑनलाइन शोपिंग साईट पर इस्तमाल कर सकते है.


तो अब आप समज गए होंगे की Android pay App क्या है? क्यों इस्तमाल किया जाता है और कैसे इस्तमाल किया जाता है.
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