06/08/2018

पर्यावरण प्रदूषण पर निबंध-Paryavaran Pradushan In Hindi


Paryavaran Pradushan In Hindi Project, आज पर्वावरण प्रदुषण एक भीषण समस्या बन कर खडी हुई है.
पर्यावरण प्रदूषण पर निबंध

प्रदुषण क्या होता है?

किसी चीज़, पदार्थ से पर्यावरण में होने वाली हानी, नुकसान को प्रदुषण कहा जाता है.
जैसे : किसी तालाब में कारखाने का दूषित पानी छोड़ देना, जिससे तालाब का अच्छा पानी भी दूषित हो जाता है. इसको ही पानी प्रदुषण कहा जाता है.
प्रदूषण प्राकृतिक पर्यावरण में प्रदूषक पेश कर रहा है जो इसे प्रतिकूल रूप से प्रभावित करता है.यह वर्तमान शताब्दी का प्रमुख मुद्दा है क्योंकि यह ऐसी स्थिति की ओर दुनिया का नेतृत्व कर रहा है जो पृथ्वी पर हर जीवित व्यक्ति को प्रभावित कर रहा है.

प्रदुषणने कई प्रजातियों के प्राकृतिक आवास को नष्ट कर दिया है. कुछ प्रजातियां विलुप्त हो गई हैं और कुछ प्रदूषण के कारण विलुप्त होने जा रहे हैं. प्रदूषण के का मुख्य कारण कारखानों और वाहनों से जहरीले गैसों का उत्सर्जन, विनिर्माण कंपनियों से विषाक्त और अनप्रचारित जहरीले जल अपशिष्ट, कारखानों के कचरे का अपरिवर्तित निर्वहन है.

प्रदुषण के मुख्या प्रकार :

प्रदुषण कई प्रकार का होता है जो निचे बताया गया है :
वायु प्रदूषण:- वातावरण में रसायन तथा अन्य सुक्ष्म कणों के मिश्रण को वायु प्रदुषण कहते हैं. सामान्यतः वायु प्रदूषण उद्योग और मोटर वाहनों से निकलने वाले नाइट्रोजन आक्साइड जैसे प्रदूषको से होता है.

जल प्रदूषण:- जल में रासायनिक एव जहरीले चीज़े डालने से, कारखानों का दूषित पानी छोड़ने से जल प्रदुषण होता है. जल प्रदूषण पौधों और पानी में रहने वाले जीवों के लिए हानिकारक होता है.

भूमि प्रदूषण:- जो प्लास्टिक की थैलिया होती है, उसके कारण भूमि प्रदुषण होता है.

ध्वनि प्रदूषण:- अत्यधिक शोर जिसे नॉरमल मुनष्य सह नहीं कर सकता उसको ध्वनि प्रदूषण कहते है.

क्यों होता है प्रदुषण ?

सबसे पहले ए जानना जरुरी है की प्रदुषण क्यों होता है, इसके मुख्या कारण कोण से है?
मनुष्य ने अपने रहने के लिए बड़ी बड़ी बिल्डिंग बनाई, और उसके लिए उसने पेड़ो को काटा, बड़ी बड़ी सड़के बनाई जिसके लिए कई जंगलो को भी काटना पड़ा, जिसके चलते प्रदुषण काफी बढ़ता जा रहा है.

आज मानव हर किसी चीज़ के लिए प्लास्टिक की थैली का इस्तमाल कर रहा है. और प्लास्टिक एसी चीज़ है, जिसका विघटन नहीं होता, जिसके चलते भूमि प्रदुषण होता है.

मानव आज इतना आलसी हो गया है, हर एक जगह पर जाने के लिए मोटर साइकिल(बाइक), कार का इस्तमाल कर रहा है. जिससे वायु प्रदुषण हो रहा है.

जो कारखाने एव दुसरे मैन्युफैक्चरिंग प्लांट है जिसमे निकलने वाला पाणी और धुवा भी प्रदुषण का मुख्या कारण है.

नदियों में कूड़े-कचरे, मानव-शवों और पारम्परिक प्रथाओं का पालन करते हुए उपयोग में आने वाले प्रत्येक घरेलू सामग्री का समीप के जल स्रोत में विसर्जन करने से भी प्रदुषण हो रहा है.

कैसे रोका जाए प्रदुषण को / प्रदुषण रोकने के उपाय :-
इस प्रदुषण को रोकने के लिए मनुष्य को ठोस कदम उठाने की जरुरत है. जिसके लिए हम निचे दिए हुए उपाय आजमा सकते है.

प्लास्टिक की थैलिया इस्तमाल करने के बजाय कपड़ो की या फिर पेपर की थैलिया इस्तमाल करे.
पेड़, पौधों की कटाई को रोक लगायी जाए और नए पेड़ लगाये जाए.

जो कारखाने है उनसे जो धुवा निकलता है, उसको फ़िल्टर किया जाए जिससे हानिकारक चीज़ वायु में ना आपाए. कारखानो से पानी निकलता है उसको फ़िल्टर कर के बागो एव खेती के लिए इस्तमाल किया जाए.


नदी, तालाब, में कचरा, या कोई भी चीज़ ना डाली जाए, एसा करने पर डालने वालो को जुर्माना लगाया जाए.

कारखाने है उनसे जो धुवा निकलता


     बड़े बड़े आवाज करने वाली साउंड सिस्टम पर निर्भंद लगाया जाए, जिसके चलते ध्वनि प्रदुषण को रोका जा सके.

इसके अलावा आपके पास कोई सुजाव हो तो आप हमे निचे कमेंट में बता सकते है. तो आज हम ने इस आर्टिकल में देखा की Paryavaran Pradushan In Hindi, जिसको essay on environmental pollution.

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