नेटवर्क टोपोलॉजी रिंग, बस, स्टार, हिंदी में

कंप्यूटर को जब हम किसी network में कनेक्ट करते है तब , उसमे अलग अलग टोपोलॉजी होती है, तो आज हम जानते है, की network टोपोलॉजी क्या होती है.

Network topology in hindi

computer नेटवर्किंग में टोपोलॉजी ये एक बेसिक concept है.
Network Topology:  ये एक अरेंजमेंट होती है, जिसमे computer और अलग अलग network devices को आपस में कनेक्ट किया जाता है. एसा इसलिए किया जाता है, ताकि हम रिसोर्स और डाटा को आपस में शेयर कर सके.
Example:
ऑफिस में हमारे पास एक लैब है, जिसमे 20 computer आपस में किसी टोपोलॉजी से कनेक्टेड है, तब हमे प्रिंट निकालने के लिए प्रिंटर की जरुरत होती है, अगर हम हर एक pc पर अलग अगल प्रिंटर ला दे तो इसका खर्च बहुत ज्यादा होगा.
इस खर्च को बचाने के लिए हम 1 ही प्रिंटर को लाकर इन २० computer में शेयर कर सकते है, एसा करने से पैसे की बचत भी होती है, और हमारा काम भी पूरा होता है.

Network Topology:

1. Bus topology:
इस टोपोलॉजी में computer को एक ही single कम्युनिकेशन लाइन या केबल से कनेक्ट किया जाता है. इस तरह की टोपोलॉजी का इस्तमाल छोटे network के लिए किया जाता है. क्यों की इसमें ज्यादा होस्ट use करने पर प्रॉब्लम आ जाती है. जब हम डाटा को एक साथ सेंड या रिसीव करना चाहते है, tab एक ही केबल होने के वजह से एक तरफ का डाटा पूरी तरह से जब सेंड हो जाए तभी हम दूसरा डाटा सेंड कर सकते है.
बस टोपोलॉजी में अगर main communication line ब्रेक हो जाए तो पूरा network फ़ैल हो जाता है.

Bus topology in hindi

2. Ring topology:
रिंग टोपोलॉजी में हर एक होस्ट मशीन अपने नजदीकी दो होस्ट मशीन से कनेक्टेड होती है और ये सर्कुलर structure में होता है.
अगर किसी होस्ट को डाटा सेंड/रिसीव करने के होस्ट to होस्ट होकर डाटा को रिसीवर के पास जाता है.
रिंग टोपोलॉजी में अगर कोई होस्ट फ़ैल हो जाता है, तो पूरी रिंग टोपोलॉजी फ़ैल हो जाती है.

Ring topology in hindi

3. Star topology:
 स्टार टोपोलॉजी में सभी होस्ट डिवाइस को एक सेंट्रल डिवाइस (hub) से कनेक्ट किया जाता है. Central डिवाइस कोई भी इस्तमाल की जाती है, याने hub, switch, etc.  central डिवाइस और होस्ट में पॉइंट टू पॉइंट कनेक्शन होता है.
स्टार टोपोलॉजी में अगर central डिवाइस fail हो जाए तो पूरा network फ़ैल हो जाता है. star टोपोलॉजी सी खासियत ये है, अगर कोई होस्ट फ़ैल हो जाए तो उसका पुरे network पर कोई प्रवाह नहीं होता है.
होस्ट को आसानी से ऐड/रिमूव कर सकते है.

4. Mesh topology:
मेश टोपोलॉजी में होस्ट computer एक या एक से ज्यादा होस्ट के साथ कनेक्शन होता है. मेश टोपोलॉजी में हर एक होस्ट computer अलग अलग होस्ट से एक से ज्यादा पॉइंट्स के साथ कनेक्ट किया जाता है.

5. Hybrid topology:
इसके नाम से ही हमे समज आता है, की ये किस तरह की टोपोलॉजी है. हाइब्रिड टोपोलॉजी में एक से ज्यादा टोपोलॉजी का use किया जाता है, याने हम एसा भी कह सकते है, की हाइब्रिड टोपोलॉजी कॉम्बिनेशन है, बस, रिंग, स्टार, टोपोलॉजी का.
इन्टरनेट को हम हाइब्रिड टोपोलॉजी का सबसे बड़ा उदहारण मान सकते है.



तो इस तरह computer नेटवर्किंग के ये कुछ बेसिक टोपोलॉजी का इस्तमाल किया जाता है.
अगर आपका कोई सवाल हो तो आप निचे कमेंट में जरुर बताए.

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