हार्ड कॉपी क्या है - What is Hard Copy in Hindi

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Hard copy इस शब्द को आपने कई बार सुना होगा | यह शब्द अक्सर आपको कंप्यूटर की फ़ील्ड में या फिर जहा पर लोग जॉब करते है, वहा पर सुनने को मिलता है |

hard copy kya hai


जिन लोगो को पता नहीं की हार्ड कॉपी किसे कहा जाता है | उनको यहाँ पर पूरी जानकारी दी गई है |

सबसे पहले आपको हार्ड कॉपी और सॉफ्ट कॉपी के बिच का अंतर को समझना होगा |

हार्ड कॉपी मीनिंग इन हिंदी : Hard Copy in Hindi

हार्ड कॉपी : जिस कॉपी को आप हाथ में ले सकते है, उसको हार्ड कॉपी कहा जाता है | हार्ड कॉपी में जैसे प्रिंट किया हुआ पेपर हो सकता है |

और इसके विपरीत सॉफ्ट कॉपी इसको कहा जाता है, जिसको हम सिर्फ देख सकते है | याने यह आपके कंप्यूटर पर सेव कुछ भी डाटा हो सकता है | जिसको सॉफ्ट कॉपी कहा जाता है |

उदाहरण :

हार्ड कॉपी :

मान लीजिए हम ने कंप्यूटर पर कुछ डाटा type किया उसको सेव किया और प्रिंट कर दिया, प्रिंट करने के बाद हमारे हाथ में जो कॉपी होती है, उसको हार्ड कॉपी कहा जाता है | इसको हम हाथ में ले सकते है |

 

सॉफ्टकॉपी :

हम जो डाटा को कंप्यूटर में सेव रखते है, उसको सॉफ्टकॉपी कहा जाता है | सॉफ्ट कॉपी को हाथ में नहीं ले सकते | उसको हार्डवेयर की तरह हाथ नहीं लगा सकते |

 

कंप्यूटर का फुल फॉर्म क्या है - Computer ka Full Form

कंप्यूटर का फुल फॉर्म क्या है - Full Form of Computer : आज के इस इन्टरनेट युग में कंप्यूटर के बारे में कोण नहीं जानता | आज हर कोई बच्चे से लेकर बूढ़े तक कंप्यूटर सिखना चाहते है | तो इसको इस्तमाल भी करना चाहते है |

Computer ka Full Form


इसलिए आज इन्टरनेट पर लोग कंप्यूटर का फुल फॉर्म क्या है ? इसके बारे में जानकारी सर्च कर रहे है | लेकिन आज इन्टरनेट पर अगर आप सर्च करते है की कंप्यूटर का फुल फॉर्म क्या है ? इसके बारे में आपको ज्यादा जानकारी नहीं मिलेगी |

क्यों की कई लोगो ने कंप्यूटर किसे कहते है, इसको इस्तमाल कैसे किया जाता है, यह बताया है | लेकिन आज इस पोस्ट में हम आपको Computer ka Full Form क्या है, इसके बारे में जानकारी देने वाले है |

कंप्यूटर का फुल फॉर्म क्या है - Computer ka Full Form

कंप्यूटर क्या होता है ?

कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है, जिसकी मदद से यूजर डाटा को इन्पुट करता है, ALU उसपर प्रोसेसिंग कर के आउटपुट डिवाइस की हेल्प से हमे आउटपुट देता है |

कंप्यूटर का पूरा नाम क्या है ?

Computer का Full Form होता है “Commonly Operated Machine Particularly Used in Technical and Educational Research.

इसका मतलब होता है, तकनीकी और शैक्षिक अनुसंधान में विशेष रूप से उपयोग की जाने वाली सामान्य रूप से संचालित मशीन|

आज कंप्यूटर का इस्तमाल हर जगह किया जाता है, जैसे स्कूल, कॉलेज, हॉस्पिटल, इन जगहों पर किया जाता है |

Computer इसको हिंदी में संगणक कहा जाता है | इसका इस्तमाल आज email करने के लिए, कई प्रकार के document बनाने के लिए, video देखने एव editing के लिए किया जाता है |

Computer याने Compute + r जिसमे कंप्यूट का मतलब होता है, गणना करना याने इसको गणना करने वाला यंत्र भी कहा जाता है |

कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जो अंकगणित और तार्किक गणना में मदद करता है।

कंप्यूटर में विशेष रूप से अंकगणित और तार्किक इकाई यानी ALU(Arthematic Logical Unit)  होती है। इस इलेक्ट्रॉनिक मशीन में मेमोरी भी होती है। जो डेटा को स्टोर करने में मदद करता है। कंप्यूटर तकनीक पर आधारित डिजिटल, एनालॉग और हाइब्रिड हो सकते हैं।

कुछ अन्य कंप्यूटर भी हैं सुपर कंप्यूटर(Super Computer), पर्सनल कंप्यूटर (Personal Computer), डेस्कटॉप (Desktop), लैपटॉप (Laptop) आदि।

कंप्यूटर को एक प्रोग्रामिंग मशीन भी माना जाता है क्योंकि यह बिना प्रोग्राम के कुछ भी नहीं कर सकता है। यह उपयोगकर्ता से इनपुट प्रक्रिया के रूप में कच्चा डेटा लेता है और उपयोगकर्ता को आउटपुट देता है।

COMPUTER = Arithmetical Logical Unit (ALU) + Control Unit (CU)

तो अब आप समझ गए होंगे की आखिर कंप्यूटर का फुल फॉर्म , पूरा नाम क्या है | कंप्यूटर से जुड़े और भी कुछ लेख आपको निचे पढने को मिलेगे |

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Zip File और RAR फाइल में पासवर्ड कैसे लगाए?


Zip File और RAR फाइल में पासवर्ड कैसे लगाए: आज इस इन्टरनेट के दौर में हमारा data कितना महत्वपूर्ण है, हम सभी जानते है | इसलिए हम अपने निजी डाटा को पासवर्ड लगाकर सेव कर देते है |
zip file me password kaise lagaye
zip file me password kaise lagaye

लेकिन इसके लिए कंप्यूटर में हमे अलग से folder lock नाम का सॉफ्टवेयर लेना पड़ता है | लेकिन आज हम आपको एक दूसरा तरीका बताने वाले है, जिससे आप अपने computer, laptop से ही किसी भी फाइल, फोल्डर को lock, password लगा सकते है |


और यह हम Zip File , RAR File के माध्यम से करने वाले है | इससे पहले थोडा जान ले की रार, ज़िप फाइल क्या होती है ?

what is rar file in hindi?

RAR file (फुल फॉर्म Roshal Archive Compressed file) यह एक compressed file, or data container, होता है, जिसमे एक या अधिक फाइल और फोल्डर हो सकते है | इसको खोलने के लिए WINRAR सॉफ्टवेयर का इस्तमाल किया जाता है |

what is winzip in hindi?

ज़िप फ़ाइल एक archive होता है, जिसमे फाइल को compress किया जाता है, जिससे डाटा की साइज़ कम हो जाए | एक ज़िप फ़ाइल में एक या अधिक फाइलें या directories हो सकती हैं जो compress होती है | तो इन Zip File और RAR file को पासवर्ड कैसे लगाया जाता है यह जानते है |

Zip file, RAR file ko Password Kaise Lagaye?

Computer में अपने फाइल, फोल्डर को zip, rar फॉर्मेट में कन्वर्ट करके हम उसको password लगा सकते है | लेकिन इसके लिए कंप्यूटर में winrar नाम का सॉफ्टवेयर होना जरुरी है |



WINRAR सॉफ्टवेयर को गूगल पर सर्च कर के पहले कंप्यूटर में इनस्टॉल कर ले | इनस्टॉल करने के बाद उसको खोले | निचे दी गई स्टेप फॉलो करे |

स्टेप 1:
WinRar software इनस्टॉल करने के बाद आपको जितनी फाइल, फोल्डर को पासवर्ड लगाना है, उसको एक नए फोल्डर में लाकर पेस्ट कर दे |

स्टेप 2:
अब उस फोल्डर पर राईट क्लिक करे, आपको Add to archive आप्शन पर क्लिक करे |
add to archive

स्टेप 3:
अब आपको archive format चुने जैसे RAR, RAR5, ZIP और निचे set password पर क्लिक करे |
select format zip, rar, zip5

स्टेप 4:
एक और पॉप अप विंडो खुलेगी, जिसमे आपको पासवर्ड सेट करना है और OK पर क्लिक करना है | अब आपको फाइल compress होनी शुरू हो जाएगी | फाइल साइज़ पर निर्भर है, की compress होने की इसको कितना टाइम लगेगा |
set password

फाइल compress होने के बाद आपके फाइल को पासवर्ड लग चूका है, आपको जब उसको ओपन करना है, तब आपको सेट किया हुआ पासवर्ड डालना होगा |


फाइल को ओपन करने के लिए आपको उसको पहले extract करना पड़ेगा, जिसके लिए winrar सॉफ्टवेयर का ही इस्तमाल करना होगा |


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Primary Memory In Hindi - प्राइमरी मेमोरी


प्राइमरी मेमोरी क्‍या होती है ? What Is Primary Memory in Hindi? कंप्यूटर में प्राइमरी मेमोरी जिसको मेन मेमोरी भी कहा जाता है |

Primary Memory In Hindi - प्राइमरी मेमोरी
Primary Memory In Hindi - प्राइमरी मेमोरी

Primary Memory: प्राइमरी मेमोरी क्‍या होती है - What Is Primary Memory in Hindi

प्राइमरी मेमोरी में वही डाटा, instruction होता है, जिन पर कंप्यूटर वर्तमान में काम कर रहा है | प्राइमरी मेमोरी में लिमिटेड कैपेसिटी होती है | लाइट जाने पर इस मेमोरी का डाटा लॉस्ट हो जाता है |
इसको temporary memory भी कहा जाता है | प्राइमरी मेमोरी मुख्य रूप से दो प्रकार की होती है, RAM, ROM.

Primary Memory दो प्रकार की होती है:  
रैम (RAM) Random Access Memory
रोम (ROM) Read Only Memory

1. RAM (Random Access Memory):
रैंडम एक्सेस मेमोरी CPU के बिच की इंटरनल मेमोरी है, जिसमे डाटा, प्रोग्राम, डाटा रिजल्ट को स्टोर करने के लिए होता है | RAM में डाटा तब तक स्टोर रहता है, जब तक कंप्यूटर ऑन है | एक बार कंप्यूटर ऑफ हो जाए तो RAM में का डाटा लॉस्ट हो जाता है | RAM को volatile भी कहा जाता है |

RAM दो प्रकार की होती है:

Static RAM (SRAM)

static RAM जिसको SRAM कहा जाता है | इसमें डाटा तब तक स्टोर रहता है, जब तक पॉवर सप्लाई ऑन है, पॉवर सप्लाई ऑफ होते है, डाटा लॉस्ट हो जाता है |


Dynamic RAM (DRAM)

डायनामिक मेमोरी में डाटा को स्टोर रखने के लिए continually refreshed होती रहती है |  DRAMs memory cells से बनती है जो capacitor and one transistor से बनी होती है |

2. ROM (Read only Memory):
ROM याने रीड ओनली मेमोरी कहा जाता है | इसके नाम से ही पता लग जाता है, इस मेमोरी के डाटा को सिर्फ रीड कर सकते है, इसमें कुछ write नहीं कर सकते |

ROM non-volatile मेमोरी होती है | इस मेमोरी में डाटा permanently स्टोर किया जाता है, जब मेमोरी manufacture की जाती है |

रोम 4 प्रकार की होती है :
PROM (Programmable Read Only Memory)
EPROM (Erasable and Programmable Read Only Memory)
EEPROM (Electrically Erasable and Programmable Read Only Memory)
MROM (Masked ROM)


What Is Supercomputer In Hindi -सुपरकंप्यूटर क्या होता है?


सुपर कंप्यूटर क्या है ? What Is Supercomputer In Hindi? क्या आपको दुनिया का सबसे महंगा कंप्यूटर मालूम है |

What Is Supercomputer In Hindi

Supercomputer क्या होता है - Supercomputer In Hindi:

सुपर कंप्यूटर दुनिया का सबसे शक्तिशाली और महंगा कंप्यूटर है | सुपर कंप्यूटर दुनिया का सबसे तेज (faster) कंप्यूटर है | सुपर कंप्यूटर का इस्तमाल complex, fast, time intensive, साइंटिफिक और इंजीनियरिंग कैलकुलेशन करने के लिए किया जाता है |

Supercomputer की स्पीड और performance teraflops (Floating Point operations per seconds) में measure किया जाता है |
आपको जानकर हैरानी होगी की हमारे कंप्यूटर के तरह सुपर कंप्यूटर में Linux ऑपरेटिंग सिस्टम run की जाती है |

Special purpose supercomputers:
कुछ सुपर कंप्यूटर कुछ खास काम के लिए बनाए जाते है | जिसको स्पेशल पर्पस सुपर कंप्यूटर कहा जाता है | यह सुपर कंप्यूटर केवल dedicated सिंगल प्रॉब्लम को सोल्व करने के लिए बनाए गए है | जिसके examples है Belle, Deep Blue, Hydra यह special-purpose supercomputers chess खेलने के लिए बनाए गए है |

Super Computer के कॉमन use:
सुपर कंप्यूटर का इस्तमाल तेल एव गैस की खोज करने के लिए किया जाता है |
सुपर कंप्यूटर आण्विक मानचित्रण और अनुसंधान के लिए इस्तमाल होता है |
इसका इस्तमाल Environmental research के लिए होता है |
सुपर कंप्यूटर मौसम की जाच के लिए इस्तमाल होते है |
सुपर कंप्यूटर का इस्तमाल सिमुलेशन के लिए होता है |

दुनिया का सबसे पहला सुपर कंप्यूटर - first supercomputer in world

दुनिया का सबसे पहला सुपर कंप्यूटर Cray-1 था, जिसको US electrical engineer Seymour Cray ने 1976 में बनाया था, जिसको कुल $8.8 million खर्च आया था | Cray-1 में कुल 160 megaflops इस्तमाल किए गये थे, Cray-1 तभ दुनिया का  fastest computer था |

Fastest Supercomputer In The World 2018
2018 का सबसे fast सुपर कंप्यूटर  है Summit – IBM जिसको IBM ने बनाया है | इसमें 2.28 million cores और 122.3 petaflops है |


दुनिया के सबसे fast 5 सुपर कंप्यूटर :

1.summit यह दुनिया का सबसे fast और सुपर कंप्यूटर है, और इसके बाद निचे दिए गए 4 सुपर कंप्यूटर आते है |
2.Sunway TaihuLight – National Supercomputing Center in Wuxi, China
10.65 million cores
93 petaflops

3.Sierra – IBM (Department of Energy, Lawrence Livermore National Laboratory)
1.57 million cores
71.6 petaflops

4.Tianhe - 2A – NUDT (National Supercomputing Center in Guangzhou, China)
4.98 million cores
61.46 petaflops

5.AI Bridging Cloud Infrastructure – Fujitsu
392,000 cores
19.88 petaflops

भारत का पहला सुपर कंप्यूटर :

भारत का सबसे पहला सुपर कंप्यूटर का नाम परम 8000 है, जिसको 1991 में बनाया गया था, इसमें 64 CPU थे | भारत में परम सुपर कंप्यूटर की एक सीरीज है, जिसको Centre for Development of Advanced Computing (C-DAC) द्वारा बनाया जाता है |

Indian supercomputers in the TOP500- दुनिया के टॉप 500 सुपर कंप्यूटर में भारत के सुपर कंप्यूटर
दुनिया के जो 500 सुपर कंप्यूटर है, उनमे हमारे भारत के 5 सुपर कंप्यूटर भी आते है, जिनका रैंक कुछ इस तरह है |

Rank                     Site                                                    Supercomputer Name     
39      Indian Institute of Tropical Meteorology                 Pratyush (Cray XC40)     
66      National Centre for Medium Range Weather Forecasting   Mihir (Cray XC40) 
206     Software Company                                                 InC1 -Lenovo C1040        
327     Indian Institute of Science                                      SERC - Cray XC40 
496     Indian Institute of Tropical Meteorology                 iDataPlex DX360M4

तो दोस्तों अब आप समझ गए होंगे की what is supercomputer in Hindi-सुपर कंप्यूटर क्या होता है ? अगर इससे जुडा आपका कोई सवाल है तो निचे कमेंट में हमे बता सकते है |


Software Engineering क्या है? What is software engineering in hindi


Software engineering in Hindi, software इंजीनियरिंग क्या होती है? दोस्तों अगर आप CSE, या फिर BCA के स्टूडेंट है तो Software engineering यह शब्द तो जरुर सुना होगा |
Software Engineering क्या है

What Is Software Engineering In Hindi

Software engineering एक engineering की शाखा है, जिसमे computer software develope किए जाता है,जो वेल defined scientific principles, methods and procedures से बनाए जाता है |
Software engineering एक शाखा है, जिसमे कंप्यूटर software बनाने से लेकर उनको टेस्ट करने की प्रोसीजर होती है |

याने इसमें जब हम कोई software develope करने वाले होते है तो उसका design, developement, implementation, testing की जाती है |

सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की जरुरत क्यों है :

दिन ब दिन user की बढ़ती हुई requirement और प्लेटफार्म की वजह से software engineering की जरुरत पढ़ रही है |
लार्ज software बनाना है तो उसका पहले design, developement, implementation यह सभ देखना पड़ता है |

Software Engineering Charactertics:

Functionality:
इसमें software के परफोर्मेंस को बढ़ाने के लिए काम किया जाता है |

Reliability:
विशेषता का एक सेट जो प्रदर्शन के स्तर को बनाए रखने के लिए सॉफ़्टवेयर की क्षमता पर निर्भर करता है, उस समय के लिए शर्तों को कम करता है।

Usability
सॉफ्टवेयर आसानी से उपयोग कैसे किया जा सकता है, इसके बारे में देखा जाता है |

Portability
मिनिमम चार्ज में एक प्लेटफार्म से दुसरे प्लेटफार्म पर software कैसे ट्रान्सफर करे ए देखा जाता है |

Efficiency
सिस्टम रिसोर्सेज को इफेक्टिव और Efficient manner से इस्तमाल किया जाता है |

Maintainability
सॉफ़्टवेयर सिस्टम में इसकी कार्यक्षमता, सुधार, प्रदर्शन या सही त्रुटियों का विस्तार करने के लिए संशोधन किए जा सकते हैं।

Analog Digital Signal In Hindi


Analog signals, Digital signals, analog and digital communication in Hindi. Difference between analog and digital in Hindi.

Analog Digital Signal In Hindi

नेटवर्किंग में हमने एनालॉग और डिजिटल सिग्नल के बारे में आपने पढ़ा होगा या पढ़ने वाले है. तो आज हम एनालॉग और डिजिटल सिग्नल के बारे में हिंदी में जानेंगे.


Signals:
Signals का इस्तमाल कम्युनिकेशन सिस्टम में एक डिवाइस से इनफार्मेशन दुसरे डिवाइस तक carry करने के लिए किया जाता है. जिसमे Analog signals, Digital signals का इस्तमाल किया जाता है.

Analog Signals In Hindi

एनालॉग सिग्नल्स में signal की सिस्थी समय के साथ लगातर बदलती रहती है. और आने वाले बदलाव को continuous changes कहा जाता है.


एनालॉग signal को described करने के लिए amplitude, period or frequency, and phase का इस्तमाल किया जाता है.
Analog signals को sin waves से denote किया जाता है.
उधाहरण:
Human voice याने मनुष्य का आवाज एनालॉग signal का उत्तम उधाहरण है.

Digital Signals In Hindi

डिजिटल signal का एनालॉग signal के मुकाबले में समय की सिस्थी के अनुसार बदलाव नहीं होता. डिजिटल signal में signal विपरीत दिशा में बदल जाते है.
डिजिटल signal को discontinuous signals भी कहा जाता है. Digital signal, में कुछ भी represent करने के लिए सिर्फ 2 values का प्रयोग किया जाता है. i-e: 1 and 0 (binary values).
Digital signals को square waves से denote किया जाता है.

Difference between analog and digital in Hindi

1. Analog signals में continuous wave जो कुछ समय के बाद बदल जाती है.
लेकिन डिजिटल signal में discrete wave होती है जो बाइनरी फॉर्म में डाटा का ट्रान्सफर करती है.

2. Analog signal को दर्शाने के लिए amplitude, period or frequency, phase का इस्तमाल किया जाता है. वही digital signal bit rate and bit intervals से described किया जाता है.

3. एनालॉग signal में फिक्स्ड रेंज नहीं होती वही डिजिटल signal में finite range होती है i.e. 0 और 1

4. Analog signal का उदाहरण है ह्यूमन वौइस् और डिजिटल signal का उदाहरण है कंप्यूटर जिसमे डाटा डिजिटल रूप में ट्रान्सफर होता है.

What is Unicode in Hindi-यूनिकोड क्या है?


यूनिकोड क्या होता है? क्या आपने Unicode का नाम सुना है? अगर नहीं तो चलिए हम आपको बता देते है की Unicode क्या है? इसका इस्तमाल किसलिए किया जाता है.

What is Unicode in Hindi

Unicode क्या है?

यूनिकोड प्रतेक अक्षर, अंक, चिन्ह के लिए विशेस संख्या प्रदान करता है. चाहे वो कोई भी कंप्यूटर प्लेटफार्म हो, program, software या कोई भी भाषा हो.


याने आपका कोई भी प्लेटफार्म क्यों न हो जैसे windows, Linux, Macintosh, Unix etc. कोई भी प्रोग्राम जैसे ms word, ms excel, browser etc. इन सभी में यूनिकोड का इस्तमाल किया जा सकता है.

Unicode से पहले अगर मान लीजिए हम ms word मे kruti dev फॉण्ट की मदद से हिंदी में कुछ टाइप करते. और उसकी डॉक्यूमेंट को अगर दुसरे कंप्यूटर में देखते तो हमे वो डॉक्यूमेंट पहले की तरह नज़र नही आता था. याने इससे उस डॉक्यूमेंट का प्रारूप बदल जाता था.
इसको सुधारने के लिए यूनिकोड प्रणाली को विकसित किया गया. जिसमे यूनिकोड हर एक अक्षर, चिन्ह, अंक के लिए विशेष अंक प्रदान करता है. क्यों की कंप्यूटर सिर्फ अंक (0,1) की भाषा को समजता है.

Unicode की विशेषताए:
1. यूनिकोड विश्व की सभी लिपि के संकेतो के लिए अलग कोड प्रदान करता है.
2. यह सिर्फ charcter को कोड देता है.
3. जो भाषाए लिखने में एक जैसी है उनके लिए अलग से ब्लाक बनाया है जैसे हिंदी, मराठी,नेपाली, संकृत, सिन्धी,कश्मीरी इन के लिए “देवनागरी” ब्लाक बनाया है.

Importance of Unicode:

1. किसी भी ब्राउज़र, सॉफ्टवेयर में यूनिकोड सपोर्ट करता है.
2. हिंदी भाषा में लिखने के लिए इसका प्रयोग किया जाता है. (आप बिना हिंदी का कीबोर्ड जाने भी हिंदी में टाइप कर सकते है)
3. किसी भी प्लेटफार्म पर यूनिकोड सपोर्ट करता है.
4. वेब डिजाईन के लिए इसका प्रयोग कर के अपनी भाषा में वेबसाइट बना सकते है.
यूनिकोड का disadvantage यह है की इसको ज्यादा मेमोरी लगती है. जिसमे UTF7, UTF8, UTF16 या वास्तविक यूनिकोड - एक अक्षर अलग-अलग बाइट प्रयोग करते हैं.

UTF-8, UTF-16 & UTF-32 क्या है?

यूनिकोड के तीन रूप प्रचलित हैं. UTF-8, UTF-16 और UTF-32. इसमें क्या अंतर है.
UTF-8 में 8 बाइट के डेटा के लिए लिपिओ का कोड होते है. जिन चिन्हों को UTF-8 में जगह नहीं मिली
उनको UTF-16  और UTF-32 में कोड प्रदान किया गया. UTF-8 में इनकोडिंग करने से UTF-16 की अपेक्षा कम बिट्स लगते है.

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